Corner Joint क्या है? प्रकार। Corner Joint के लाभ और हानि

Corner Joint ऐसा Joint है जिसमें दो प्लेटों के कोने को एक-दूसरे को किसी कोण पर मिलाकर आपस मे Welding जोड़ किया जाता है। इस प्रकार के जोड़ को कॉर्नर जोड़ (Corner Joint) कहते हैं। Corner Joint में प्लेट या कार्यखण्ड के किनारों को तैयार करने की आवश्यकता नहीं होती है।

कॉर्नर जॉइंट में में कार्य के हिसाब से हल्के एवं भारी कार्यों के लिए तीन प्रकार के जोड़ बनाये जा सकते हैं, Flush, Half Open, Full Open। यह जोड़ सस्ते होते हैं क्योंकि इन जोड़ में किनारों की तैयारी की आवश्यकता नहीं रहती है और फिलर मेटल भी बहुत ही कम खर्च होता है।


    #कॉर्नर जोड़
    Corner Joint


    Corner Joint के प्रकार-

    1. Flush Corner Joint

    2. Half Open Corner Joint

    3. Full Open Corner Joint


    1. Flush Corner Joint

    यह ऐसा joint है जिसमे दोनों जॉब के कोने को आखिरी तक सटाकर रखा जाता है और दोनों जॉब के बीच कोई space नही बचता है और तब उस पर वेल्डिंग जोड़ लगाया जाता है।

    Flush Corner Joint
    Flush Corner Joint


    2. Half Open Corner Joint

    यह ऐसा joint है जिसमे दोनों जॉब के कोने को बीच मे रखा जाता है और दोनों जॉब के बीच मे आधी-आधी दूरी बच जाती है। तब उस पर वेल्डिंग जोड़ लगाया जाता है।

    Half Open Corner Joint
    Half Open Corner Joint


    3. Full Open Corner Joint

    यह ऐसा joint है जिसमे दोनों जॉब के कोने को आखिरी तक कोर से कोर तक मिलाया जाता है। इसमें दोनों जॉब के बीच की पूरी दूरी बच जाती है। और तब उस पर वेल्डिंग जोड़ लगाया जाता है।

    Full Open Corner Joint
    Full Open Corner Joint


    Corner Joint के लाभ और हानि

    Corner Joint के लाभ-

    1.Corner Joint में Edge Preparation करने की जरूरत नहीं पड़ती है।

    2. Corner Joint में Fillet का स्थान कम होता है इसलिए Filler Metal भी कम लगता है।

    3.Corner Joint एक ऐसा जोड़ है जो मोटे और पतले 

    4.दोनों प्रकार के जॉब का जोड़ लगाने के लिए उपयुक्त होता है।Corner Joint सस्ता और कम खर्चीला होता है।


    Corner Joint के हानि-

    1. Corner Joint लगाने के लिए हमेशा कुशल कारीगर की आवश्यकता होती है।

    2. Corner Joint में अगर कुशल कारीगर नहीं होता है तो यह जोड़ बिगड़ जाता है जिससे बजट या पैसे की हानि होती है।

    3. Corner Joint में Single Fillet वाले जोड़ अक्सर कमजोर रह जाते हैं।