18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध तथा 19वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में कई पश्चिमी देशों में तकनीकी, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक स्थिति में काफी बड़ा परिवर्तन आया, जिसे औद्योगिक क्रान्ति (Industrial Revolution) कहा जाता है। धीरे-धीरे यह क्रान्ति पूरे विश्व में फैल गया। औद्योगिक क्रांति आने से पश्चिमी देशों को कई प्रकार के लाभ हुए तो कई प्रकार के उनको नुकसान का भी सामना करना पड़ा। पश्चिमी देशों के फायदे और हानि को ध्यान में रखते हुए, आज हम इस पोस्ट में औद्योगिक क्रांति के लाभ और नुकसान के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।
औद्योगिक क्रांति के लाभ (Advantages of Industrial Revolution in Hindi) -:
1) नवीन अविष्कारों के फल स्वरुप नवीन तकनीकी का विकास हुआ जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ गई।
2) यातायात के साधनों का तेजी से विकास हुआ तथा मानव के लिए अब यातायात सरल और सुविधाजनक हो गया।
3)नागरिक जीवन निरंतर सुख सुविधा पूर्ण होता चला गया।
4) कृषि में नवीन उपकरणों के प्रयोग से एकतरफा श्रम की बचत हुई तो दूसरी तरफ खाद्यान्नों का उत्पादन बहुत अधिक बढ़ गया।
5) औद्योगिक क्रांति से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि हुई लोगों के लिए विदेशी व्यापार सुविधाजनक हो गया।
6) औद्योगिक साधनों के लिए विज्ञान के क्षेत्र में निरंतर खोजें जारी रही जिससे कई नई प्रौद्योगिकी की खोजें हुई।
7) विशाल कारखानों की स्थापना से उत्पादन बड़े पैमाने पर होने लगा राष्ट्रीय आय में वृद्धि हुई।
8) समाज में लोगों के रहन-सहन का दर्जा ऊंचा होने लगा व उनकी भौतिक जीवन मे सुख समृद्धि होने लगी।
9) औद्योगिक क्रांति के कारण आयात तथा संचार के साधनों में वृद्धि हुई। जिसके फलस्वरूप आने-जाने और सूचनाओं की भी जल्दी पहुंचने की संभावना ही गई।
10) औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप बड़े बड़े नगरों की स्थापना हुई ।
11) औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप बैंकिंग सुविधाओं का विकास हुआ। इससे लोगों के पैसों की सुरक्षित होने की संभावना बढ़ गई।
औद्योगिक क्रांति के हानि (Disadvantages of the Industrial Revolution in Hindi) -:
1) औद्योगिक क्रांति के कारण समाज दो वर्गों में विभाजित हो गया पूंजीपति तथा श्रमिक।
2) औद्योगिक क्रांति से समाज में वर्ग भेद का उदय हो गया। पूंजीपति के रूप में एक नया वर्ग अस्तित्व में आया
3) औद्योगिक क्रांति के कारण छोटे किसानों का अंत होने लगा।
4) औद्योगिक क्रांति के कारण पूंजीपति वर्ग का जीवन विलासिता पूर्ण होने लगा और मजदूरों का जीवन बदतर होने लगा।
5) औद्योगिक क्रांति के कारण समाज का नैतिक पतन प्रारंभ हो गया।
6) औद्योगिक क्रांति के कारण बड़े उद्योगों की स्थापना से गृह व्यवसाय प्रणाली को समाप्त होने लगी।
7) औद्योगिक क्रांति के कारण नगरों की संख्या बढ़ने लगी।
8) बढ़ती जनसंख्या और नगरीकरण के कारण मजदूर वर्ग के लिए आदर्श आवास नहीं हो पाए और चारो तरफ गंदगी और अस्वास्थ्यकारी वातावरण पैदा हो गया।
9) पूंजीपतियों ने अपने औद्योगिक हितों की पूर्ति के लिए राजनीति में हस्तक्षेप करना प्रारंभ कर दिया।
10) धीरे-धीरे पूंजीपतियों ने उत्पादन के साधनों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया और अब मजदूर पूर्णतया पूंजीपतियों की दया पर आश्रित हो गया।
_%20%20%20%20%20184fe5a0490_1.jpg)